ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध और हार्मुज जलडमरूमध्य के अवरोध से वैश्विक क्रूड ऑयल कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती कर दी। पेट्रोल पर केंद्र सरकार का टैक्स अब 3 रुपये प्रति लीटर रह गया है, जबकि डीजल पर यह पूरी तरह शून्य कर दिया गया है।

सरकार का फैसला: उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय उछाल से बचाने का प्रयास

सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर 10-10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी काटी है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक लंबे पोस्ट में बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय क्रूड की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में कीमतें 30-50 फीसदी, उत्तरी अमेरिका में 30 फीसदी, यूरोप में 20 फीसदी और अफ्रीकी देशों में 50 फीसदी तक बढ़ गई हैं।

पुरी ने लिखा, "सरकार के पास दो विकल्प थे- या तो आम नागरिकों पर भारी बोझ डालना या अपने वित्त पर असर सहना। हमने चार साल से रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद की नीति जारी रखते हुए नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव से बचाने का फैसला किया है।"

क्या पंप पर घटेंगे दाम? ओएमसी घाटे में, कटौती का फायदा सीमित

उद्योग सूत्रों का कहना है कि यह कटौती ज्यादातर उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतों में कमी नहीं लाएगी। तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) फिलहाल प्रति लीटर 48.8 रुपये का घाटा उठा रही हैं। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर से ऊपर पहुंचने के बाद यह नुकसान और बढ़ गया है।

एक्साइज ड्यूटी में कटौती का बड़ा हिस्सा ओएमसी इन घाटों को पूरा करने में इस्तेमाल करेंगी। नायरा एनर्जी ने गुरुवार को ही पेट्रोल में 5.3 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी थी। सरकारी कंपनियां अभी भी कीमतें स्थिर रखे हुए हैं, लेकिन निजी क्षेत्र में दबाव साफ दिख रहा है।

हार्मुज संकट: भारत पर क्या असर?

हार्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण रास्ता है। युद्ध से पहले यहां से रोजाना 20-25 मिलियन बैरल क्रूड और 10 बिलियन क्यूबिक फीट गैस गुजरती थी। भारत की 40-50 फीसदी क्रूड आयात और 16-17 फीसदी एलएनजी इसी रास्ते से आती है। साथ ही कतर और ईरान से बड़ी मात्रा में एलपीजी का आयात भी प्रभावित हुआ है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि तत्काल कोई संकट नहीं है। देश में 60 दिनों का तेल स्टॉक और 30 दिनों का एलपीजी सिलेंडर स्टॉक उपलब्ध है। जूनियर पेट्रोलियम मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में बताया कि तीन रणनीतिक भंडारों में 3.372 मिलियन टन क्रूड है, जो कुल क्षमता का दो-तिहाई है। कुल रिजर्व 74 दिनों के लिए पर्याप्त बताए गए हैं।

सरकार की तैयारी: आयात विविधीकरण और घरेलू उत्पादन बढ़ाना

सरकार ने क्रूड और एलपीजी आयात के नए अनुबंध तेजी से अंतिम रूप दिए हैं। एलपीजी के मामले में घरेलू उत्पादन 25 फीसदी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। पैनिक बाइंग की अफवाहों को "जानबूझकर फैलाया गया गलत प्रचार" बताया गया है।

नायरा एनर्जी जैसी निजी कंपनियों की बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश में हैं। मंत्री पुरी ने जोर दिया कि गरीब और सामान्य परिवारों की रसोई पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।