भारतीय क्रिकेट टीम बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शनिवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें और निर्णायक टी20 मैच में उतरने वाली है। सीरीज 2-2 से बराबर है और यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद खास साबित होगा। लेकिन इस मैदान पर कदम रखते ही टीम इंडिया के खिलाड़ियों के दिमाग में 17 जनवरी 2024 का वो दिन जरूर घूम रहा होगा, जब अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल इतिहास का पहला डबल सुपर ओवर वाला मैच खेला गया था। उस दिन से लेकर अब तक 1,003 दिन बीत चुके हैं, लेकिन चिन्नास्वामी का वो रोमांचक मुकाबला अभी भी ताजा है।
क्यों खास है चिन्नास्वामी का वो मैच
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच तीसरा टी20 मैच 17 जनवरी 2024 को खेला गया था। यह सीरीज का आखिरी मुकाबला था और भारत पहले ही 2-0 से आगे था। रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआत बहुत खराब रही। पांचवें ओवर तक भारत 22 रन पर 4 विकेट खो चुका था। यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, शिवम दुबे और संजू सैमसन जल्दी आउट हो गए। फरीद अहमद ने तीन विकेट चटकाए थे। मैदान पर सन्नाटा छा गया था।
इसी मुश्किल घड़ी में कप्तान रोहित शर्मा और रिंकू सिंह मैदान पर उतरे। दोनों ने मिलकर 190 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। रोहित ने नाबाद 121 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 8 छक्के शामिल थे। यह उनका टी20 इंटरनेशनल में पांचवां शतक था। रिंकू ने 39 गेंदों पर 69 रन बनाए। भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 212 रन बनाए। यह उस समय भारत का इस मैदान पर सबसे बड़ा स्कोर था।
अफगानिस्तान का जबरदस्त जवाब और सुपर ओवर का नाटक
अफगानिस्तान की टीम ने भी जवाब में कमाल किया। रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान और गुलबदीन नैब ने पचास-पचास रन बनाए। गुलबदीन नैब ने सिर्फ 23 गेंदों पर 55 रन ठोके। आखिरी ओवर में मुकेश कुमार की गेंद पर नैब ने छक्का जड़ा और स्कोर बराबर हो गया। अफगानिस्तान ने भी 6 विकेट पर 212 रन बनाए। मैच टाई हो गया और सुपर ओवर की बारी आई।
पहला सुपर ओवर भी टाई रहा। दोनों टीमों ने 16-16 रन बनाए। इसके बाद इतिहास रचा गया। टी20 इंटरनेशनल में पहली बार दूसरा सुपर ओवर खेला गया। भारत ने दूसरे सुपर ओवर में 11 रन बनाए। रोहित शर्मा फिर बल्लेबाजी करने उतरे। अफगानिस्तान को 12 रन चाहिए थे, लेकिन रवि बिश्नोई ने महज एक रन पर दो विकेट लेकर मैच भारत के नाम कर दिया। भारत ने सीरीज 3-0 से जीत ली।
रोहित शर्मा की अद्भुत पारी और रिकॉर्ड्स
उस मैच में रोहित शर्मा ने न सिर्फ शतक जड़ा बल्कि सुपर ओवर में भी बल्लेबाजी की। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा जीत वाले कप्तान का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। रिंकू सिंह के साथ उनकी साझेदारी भारतीय टी20 इतिहास की सबसे बड़ी पांचवीं विकेट पार्टनरशिप बनी। चिन्नास्वामी स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के अनुकूल पिच ने उस दिन दोनों टीमों को ऊंचे स्कोर बनाने का मौका दिया।
इस मैच ने दिखाया कि चिन्नास्वामी पर बल्लेबाजी कितनी आसान हो सकती है। भारत ने यहां हर बार पहले बल्लेबाजी की और जीत हासिल की। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में भी यही मैदान दोनों टीमों को चुनौती देगा।
अब वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मुकाबला
वर्तमान सीरीज 2-2 से बराबर है। वेस्टइंडीज ने हैदराबाद में चौथा मैच 24 रनों से जीतकर सीरीज बराबर कर दी थी। शाई होप ने शतक जड़ा था और कीमो पॉल ने पांच विकेट लिए थे। अब बेंगलुरु में फैसला होना है। टीम इंडिया में कुछ चोटों की चिंता भी है, लेकिन खिलाड़ी इस मैदान के पुराने यादों के साथ मैदान में उतरेंगे।
चिन्नास्वामी स्टेडियम हमेशा से हाई स्कोरिंग मैचों का गवाह रहा है। भारत का यहां टी20 रिकॉर्ड मिश्रित है, लेकिन पहले बल्लेबाजी करने पर जीत की संभावना ज्यादा रहती है। वेस्टइंडीज के लिए भी यह मैदान नया नहीं है, लेकिन निर्णायक मुकाबले का दबाव दोनों तरफ होगा।
बार-बार याद आने वाला दिन
17 जनवरी 2024 का वो दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय बन गया। दो सुपर ओवर, रोहित का शतक, रिंकू की आक्रामक पारी और बिश्नोई का जादू। टीम इंडिया के कई खिलाड़ी उस समय टीम में थे, अब कई नए चेहरे हैं। लेकिन मैदान वही है, माहौल वही होगा। 1,003 दिन बाद जब टीम इंडिया फिर चिन्नास्वामी पहुंचेगी, तो पुरानी यादें जरूर ताजा होंगी।
निष्कर्ष: चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खेला गया भारत-अफगानिस्तान मैच टी20 इतिहास में दर्ज हो चुका है। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में टीम इंडिया को उसी जोश और दृढ़ता के साथ खेलना होगा। चाहे स्कोर कितना भी ऊंचा हो, दबाव संभालने वाली टीम ही सीरीज अपने नाम करेगी।