बच्चे को नहलाते समय ये 7 चूक न करें, नाजुक त्वचा और सेहत दोनों बचेंगी
छोटे बच्चों की संवेदनशील त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाली 7 आम गलतियां जो माता-पिता अनजाने में करते हैं। डॉ. रवि मलिक की सलाह से जानें सही तरीका, जिससे शिशु की त्वचा स्वस्थ और नरम बनी रहे।
नन्हे शिशुओं की त्वचा बेहद कोमल और संवेदनशील होती है। माता-पिता अपने बच्चे की सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन नहलाते वक्त कुछ छोटी-छोटी गलतियां अनजाने में उनकी नाजुक त्वचा और सेहत दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। डॉ. रवि मलिक, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ और रेडिक्स हेल्थकेयर के चेयरमैन, बताते हैं कि इन गलतियों से बचकर आप अपने बच्चे के नहाने के समय को सुरक्षित और आनंददायक बना सकते हैं।
जरूरत से ज्यादा बार नहलाना त्वचा का प्राकृतिक तेल छीन लेता है
कई माता-पिता सफाई के चक्कर में बच्चे को दिन में कई बार या रोजाना लंबे समय तक नहलाते हैं। इससे शिशु की त्वचा का प्राकृतिक ऑयल खत्म हो जाता है, जो उसे नरम और सुरक्षित रखता है। नतीजा, त्वचा रूखी, बेजान और ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। डॉ. रवि मलिक की सलाह है कि नवजात और छोटे बच्चों को हफ्ते में 2-3 बार स्पंज बाथ या छोटा नहलाना ही पर्याप्त होता है। ज्यादा नहलाने से बचें ताकि त्वचा का प्राकृतिक बैरियर बरकरार रहे।
गर्म पानी से बचें, हमेशा गुनगुना पानी चुनें
शिशु की त्वचा वयस्कों से बहुत पतली होती है। जो पानी आपको हल्का गर्म लगे, वह बच्चे के लिए तेज गर्म हो सकता है। इससे त्वचा पर जलन, लाल चकत्ते या रैशेज हो सकते हैं। डॉक्टर सुझाते हैं कि पानी का तापमान अपनी कोहनी या कलाई के अंदरूनी हिस्से से जांचें। हल्का गुनगुना पानी (लगभग 37-38 डिग्री सेल्सियस) ही इस्तेमाल करें। इससे बच्चे को आराम मिलेगा और त्वचा सुरक्षित रहेगी।
केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का अत्यधिक इस्तेमाल न करें
बाजार में उपलब्ध खुशबूदार साबुन, शैम्पू और बबल बाथ आकर्षक लगते हैं, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल्स शिशु की नाजुक त्वचा में जलन और एलर्जी पैदा कर सकते हैं। डॉ. रवि मलिक कहते हैं कि माइल्ड, पीएच बैलेंस्ड और डॉक्टर द्वारा अनुशंसित प्रोडक्ट्स ही कम मात्रा में इस्तेमाल करें। अगर जरूरी न हो तो सादे पानी से भी नहलाया जा सकता है, खासकर नवजातों के लिए।
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Chat on WhatsAppनहलाते समय बच्चे को सही सपोर्ट न देना खतरनाक
साबुन और पानी से बच्चा फिसलन भरा हो जाता है। अगर गर्दन और पीठ को मजबूत सहारा न दिया जाए, तो गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। हमेशा एक हाथ से बच्चे को अच्छी तरह पकड़ें और दूसरे हाथ से नहलाएं। डॉक्टर की सलाह है कि नहाने का समय शांतिपूर्ण रखें और बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि यह पल दोनों के लिए सुखद बने।
बहुत देर तक पानी में रखना त्वचा की नमी सोख लेता है
बच्चों को पानी में खेलना भले ही अच्छा लगे, लेकिन उन्हें 5-10 मिनट से ज्यादा समय तक न रखें। लंबे समय तक पानी में रहने से त्वचा की नमी खत्म हो जाती है और शरीर का तापमान भी गिर सकता है। नहाने को छोटा और तेज रखें। इससे बच्चा ठंडा नहीं पड़ेगा और त्वचा रूखी भी नहीं होगी।
नहाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना भूल जाते हैं
नहाने के तुरंत बाद कई पेरेंट्स बच्चे को कपड़े पहना देते हैं और मॉइस्चराइजर लगाना भूल जाते हैं। जब त्वचा थोड़ी नम हो, तभी जेंटल बेबी लोशन या मॉइस्चराइजर लगाएं। डॉ. मलिक बताते हैं कि इससे नमी लॉक हो जाती है और रूखापन दूर रहता है। नियमित रूप से यह आदत अपनाएं ताकि बच्चे की त्वचा हमेशा नरम और स्वस्थ बनी रहे।
दूध पिलाने के तुरंत बाद नहलाना पाचन बिगाड़ सकता है
फीडिंग के तुरंत बाद नहलाना एक बड़ी गलती है। भरे पेट नहलाने से उल्टी हो सकती है या पेट में गड़बड़ी पैदा हो सकती है। डॉ. रवि मलिक की सलाह है कि ब्रेस्टफीड या बोतल से दूध पिलाने और नहलाने के बीच कम से कम 30-45 मिनट का अंतर जरूर रखें। इससे बच्चे का पाचन सही रहता है और असुविधा नहीं होती।