आईपीएल 2026: राजस्थान रॉयल्स बिकी 15,300 करोड़ में, बनी सबसे महंगी फ्रेंचाइजी
आईपीएल की पहली चैंपियन राजस्थान रॉयल्स को अमेरिका के उद्यमी काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने 1.63 बिलियन डॉलर यानी करीब 15,300 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी डील है, जो 2026 सीजन के बाद प्रभावी होगी।
IPL 2026:- आईपीएल की शुरुआती चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स को एक बड़ा मालिकाना हक बदलाव का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका में जन्मे भारतीय मूल के बिजनेसमैन काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने फ्रेंचाइजी को 1.63 बिलियन डॉलर यानी लगभग 15,300 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। यह डील आईपीएल इतिहास की सबसे महंगी साबित हुई है और टीम को पहली बार 1 बिलियन डॉलर से ऊपर की कीमत पर बेचा गया है।
डील की मुख्य बातें और प्रभाव
सोमानी के कंसोर्टियम ने राजस्थान रॉयल्स की पूरी फ्रेंचाइजी हासिल कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील में वॉलमार्ट परिवार के रॉब वाल्टन और हैम्प परिवार का भी समर्थन शामिल है। डील आईपीएल 2026 सीजन पूरा होने के बाद लागू होगी। इससे पहले मौजूदा मालिकों में मनोज बदाले की अगुवाई वाली Emerging Media Ventures मुख्य भूमिका में रही है।
यह सौदा न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी बना देगा, बल्कि लीग की बढ़ती वैश्विक अपील को भी रेखांकित करता है। इससे पहले गुजरात टाइटंस की 67 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 5,025 करोड़ रुपये में बिकी थी, जिससे उसकी कुल वैल्यू 7,500 करोड़ के आसपास पहुंची थी। लेकिन राजस्थान रॉयल्स की यह डील उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी।
काल सोमानी कौन हैं?
काल सोमानी टेक्नोलॉजी, एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक क्षेत्रों में सक्रिय उद्यमी हैं। उन्होंने कई वैश्विक कंपनियां स्थापित की हैं और 2021 से राजस्थान रॉयल्स में अल्पसंख्यक निवेशक के रूप में जुड़े हुए थे। सोमानी ने पहले कहा था कि आईपीएल में निवेश की भारी संभावनाएं दिख रही हैं और वे लीग के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं।
उनके कंसोर्टियम में शामिल रॉब वाल्टन वॉलमार्ट परिवार से हैं, जबकि हैम्प परिवार एनएफएल की डेट्रॉइट लायंस टीम के मालिकाना हक में प्रमुख भूमिका रखता है। यह साझेदारी राजस्थान रॉयल्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद कर सकती है।
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Chat on WhatsApp2008 से अब तक: 24 गुना वैल्यू बढ़ोतरी
राजस्थान रॉयल्स को 2008 में महज 67 मिलियन डॉलर यानी उस समय करीब 260-270 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। आज की मुद्रास्फीति और मूल्य को ध्यान में रखते हुए यह राशि लगभग 628 करोड़ रुपये के बराबर बैठती है। लेकिन अब यही फ्रेंचाइजी 1.63 बिलियन डॉलर यानी 15,300 करोड़ रुपये में बिक रही है। यानी 18 सालों में वैल्यू में करीब 24 गुना का उछाल आया है।
यह बढ़ोतरी आईपीएल की लोकप्रियता, मीडिया अधिकारों की मजबूती और ग्लोबल ब्रांड वैल्यू का नतीजा है। राजस्थान रॉयल्स ने 2008 में ही चैंपियन बनकर इतिहास रचा था और 'अंडरडॉग' वाली अपनी छवि को मजबूत किया था।
आईपीएल फ्रेंचाइजी बाजार में नया ट्रेंड
यह डील आईपीएल फ्रेंचाइजी की बढ़ती कीमतों का संकेत है। हाल के वर्षों में कई टीमें ऊंची बोली में हाथ बदल रही हैं। राजस्थान रॉयल्स के मामले में भी कई दावेदार थे, लेकिन सोमानी का कंसोर्टियम अंत में सफल रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल की मीडिया राइट्स और वैश्विक दर्शकों की संख्या में वृद्धि से ऐसी डील्स और सामान्य होती जाएंगी।
मौजूदा मालिक मनोज बदाले और उनकी टीम ने फ्रेंचाइजी को स्थिरता दी, लेकिन नया मालिकाना हक टीम को नई रणनीति और निवेश के साथ आगे बढ़ाने का मौका देगा।
निष्कर्ष: राजस्थान रॉयल्स की यह रिकॉर्ड डील आईपीएल को विश्व स्तर पर एक मजबूत खेल ब्रांड के रूप में स्थापित करती है। काल सोमानी के नेतृत्व में टीम का भविष्य रोमांचक लग रहा है, जबकि प्रशंसक 2026 सीजन के बाद नए अध्याय का इंतजार कर रहे हैं। यह सौदा न सिर्फ आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि लीग की बढ़ती वैश्विक पहुंच को भी दर्शाता है।