चांदी में 5380 रुपये का उछाल, सोना 1.41 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंचा; जानें आज के भाव
शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में तेजी आई। चांदी 5380 रुपये महंगी होकर 2.25 लाख प्रति किलो पहुंची, जबकि सोना 1320 रुपये बढ़कर 1.41 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। पश्चिम एशिया तनाव और ट्रंप के फैसले से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी। ताजा अपडेट और कारण पढ़ें।
शुक्रवार को सुरक्षित निवेश के रूप में माने जाने वाले सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। पश्चिम एशिया के हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके बीच निवेशकों ने बुलियन में खरीदारी बढ़ा दी। चांदी की कीमत 5380 रुपये प्रति किलो बढ़कर 2.25 लाख रुपये पहुंच गई, जबकि सोने का भाव 1320 रुपये ऊपर चढ़कर 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
भारतीय बाजार में सोने-चांदी की तेजी
देशभर में शुक्रवार को बुलियन बाजार सक्रिय रहा। निवेशक भू-राजनीतिक तनाव से बचाव के लिए इन धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं। चांदी में हुई यह बढ़ोतरी पिछले कारोबारी सत्रों की गिरावट को कुछ हद तक संभालने में मददगार साबित हुई। सोने की कीमत भी स्थिरता की ओर लौटती दिखी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाओं का असर भारतीय कीमतों पर सीधा पड़ रहा है।
वैश्विक बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की गिरावट थम गई। दोनों धातुएं हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रही हैं। COMEX पर सोना 0.33 प्रतिशत ऊपर चढ़कर 4,423 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले सत्र में इसमें करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। वहीं चांदी 0.29 प्रतिशत बढ़कर 68.13 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।
ट्रंप के फैसले से मिली अस्थायी राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की समयसीमा को 10 दिनों के लिए टाल दिया है। इस फैसले से बाजार में कुछ राहत मिली है। निवेशकों की घबराहट कम हुई, जिससे कीमतों में उछाल आया। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
फिर भी क्यों बरकरार है दबाव?
हालांकि, सोने-चांदी पर दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऊंची ब्याज दरों की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और तुर्की के केंद्रीय बैंक द्वारा 60 टन सोना बेचने या स्वैप करने जैसी घटनाएं बाजार को प्रभावित कर रही हैं। ऊर्जा कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रख सकते हैं। इससे बिना ब्याज वाले एसेट्स की मांग प्रभावित हो रही है।
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डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के आसपास बना हुआ है और संघर्ष शुरू होने के बाद इसमें 2.3 प्रतिशत की बढ़त हुई है। मजबूत डॉलर कमोडिटीज को महंगा बनाता है, जिससे मांग कमजोर पड़ती है।
एक महीने में सोने को लगा बड़ा झटका
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद सोना करीब 17 प्रतिशत गिर चुका है। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान सोना पारंपरिक सुरक्षित निवेश की तरह नहीं चला, बल्कि शेयर बाजार के साथ ही अपनी चाल दिखाई। तेल की कीमतों से उलटी दिशा में भी यह प्रभावित हुआ।
निष्कर्ष: सोने-चांदी के भावों में उतार-चढ़ाव जारी है। भू-राजनीतिक घटनाएं और आर्थिक कारक इनकी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। निवेशकों को बाजार की निगरानी रखनी चाहिए और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार फैसला लेना चाहिए। आने वाले दिनों में ट्रंप की नीतियों और वैश्विक तनाव का असर इन कीमतों पर पड़ता रहेगा।