आयुष्मान कार्ड ई-केवाईसी घर बैठे मोबाइल से पूरा करें वरना फ्री इलाज में अड़चन

आयुष्मान कार्ड ई-केवाईसी अब घर बैठे मोबाइल ऐप से मिनटों में पूरी करें। आधार ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन से अपडेट करें और 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ बिना रुकावट पाएं।

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Oct 15, 2026 • 5:58 PM  1  0
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22 days ago
आयुष्मान कार्ड ई-केवाईसी घर बैठे मोबाइल से पूरा करें वरना फ्री इलाज में अड़चन
आयुष्मान कार्ड ई-केवाईसी अब घर बैठे मोबाइल ऐप से मिनटों में पूरी करें। आधार ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन से अपडेट करें और 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ बिना रुकावट पाएं।
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आयुष्मान कार्ड ई-केवाईसी घर बैठे मोबाइल से पूरा करें वरना फ्री इलाज में अड़चन
आयुष्मान कार्ड ई-केवाईसी घर बैठे मोबाइल से पूरा करें वरना फ्री इलाज में अड़चन

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इस योजना का पूरा लाभ उठाने के लिए आयुष्मान कार्ड में दर्ज जानकारियों का सही और अपडेटेड होना बेहद जरूरी है। अगर आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या लिंग जैसी डिटेल्स बदल चुकी हैं या कार्ड की फोटो धुंधली है तो आयुष्मान कार्ड की ई-केवाईसी प्रक्रिया दोबारा पूरी करनी पड़ती है। अच्छी खबर यह है कि अब लाभार्थी घर बैठे ही आधिकारिक आयुष्मान ऐप के जरिए मोबाइल से यह काम मिनटों में कर सकते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने भी इस सुविधा को बढ़ावा दिया है ताकि लोगों को बार-बार सीएससी केंद्र या अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़ें।

अगर ई-केवाईसी अधूरी रहती है तो अस्पताल में इलाज के समय पहचान सत्यापन में समस्या आ सकती है और कैशलेस सुविधा प्रभावित हो सकती है। इसलिए समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा कर लेना लाभार्थियों के हित में है।

किन स्थितियों में आयुष्मान कार्ड की ई-केवाईसी जरूरी हो जाती है

आयुष्मान कार्ड की ई-केवाईसी कई मामलों में अनिवार्य हो जाती है। सबसे आम स्थिति तब आती है जब लाभार्थी ने आधार कार्ड में कोई सुधार करवाया हो। नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, लिंग या पता बदलने के बाद आयुष्मान रिकॉर्ड को भी उसी के अनुरूप अपडेट करना पड़ता है। अगर कार्ड पर लगी फोटो पुरानी या अस्पष्ट है तो भी ई-केवाईसी दोबारा करानी चाहिए। कई पुराने कार्डों में ई-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी रह गई थी या सिस्टम में स्टेटस अपडेट नहीं दिखा रहा होता है। ऐसे में भी दोबारा सत्यापन जरूरी हो जाता है।

इसके अलावा अगर परिवार के किसी सदस्य का रिकॉर्ड अधूरा है या मोबाइल नंबर बदल चुका है तो भी ई-केवाईसी की जरूरत पड़ सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार यह प्रक्रिया लाभार्थी की सही पहचान सुनिश्चित करती है और योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद करती है। अगर डिटेल्स मैच नहीं करतीं तो अस्पताल में इलाज के समय परेशानी हो सकती है। इसलिए समय-समय पर अपने कार्ड का स्टेटस चेक करते रहना समझदारी है।

घर बैठे आयुष्मान ऐप से ई-केवाईसी कैसे करें, पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

आयुष्मान ऐप गूगल प्ले स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है। फेस ऑथेंटिकेशन के लिए आवश्यकता पड़ने पर आधार फेस आरडी ऐप भी इंस्टॉल कर लें। प्रक्रिया शुरू करने के लिए सबसे पहले ऐप खोलें और लाभार्थी यानी बेनिफिशरी विकल्प चुनें। अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और आए ओटीपी से लॉगिन पूरा करें।

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इसके बाद अपना राज्य, पीएम-जय योजना और जिला चुनें। अब आधार नंबर, राशन कार्ड नंबर या फैमिली आईडी की मदद से अपना या परिवार के सदस्य का नाम सर्च करें। स्क्रीन पर परिवार के सदस्यों की सूची दिखाई देगी। जिस सदस्य की ई-केवाईसी बाकी है उसके नाम के आगे ई-केवाईसी या रिडो ई-केवाईसी विकल्प पर क्लिक करें।

अब पहचान सत्यापन के लिए आधार ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुनें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। सहमति देने के बाद ओटीपी दर्ज करें। फेस ऑथेंटिकेशन चुनने पर कैमरा लाइव फोटो लेगा जो आधार डेटा से मैच की जाएगी। इसके बाद मोबाइल नंबर, संबंध और पिन कोड जैसी जरूरी जानकारियां चेक करके सबमिट कर दें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टेटस अप्रूव्ड दिखने पर अपडेटेड आयुष्मान कार्ड ऐप से डाउनलोड किया जा सकता है।

पूरी प्रक्रिया आमतौर पर कुछ मिनटों में पूरी हो जाती है। इंटरनेट कनेक्शन स्थिर रखने और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय रखने से काम और आसान हो जाता है। अगर कोई तकनीकी समस्या आए तो हेल्पलाइन 14555 पर संपर्क किया जा सकता है।

ई-केवाईसी पूरी न करने के क्या नुकसान हो सकते हैं

ई-केवाईसी अधूरी रहने पर अस्पताल में कैशलेस इलाज के समय पहचान सत्यापन में देरी या इनकार हो सकता है। आधार और आयुष्मान रिकॉर्ड में अंतर होने पर सिस्टम लाभार्थी को सही तरीके से पहचान नहीं पाता। कई राज्यों में आधार लिंकेज अनिवार्य किया जा चुका है और अधूरे कार्डों को निष्क्रिय किए जाने का प्रावधान भी है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर फिर से नई ई-केवाईसी करानी पड़ सकती है।

समय रहते प्रक्रिया पूरी करने से न सिर्फ इलाज में सुविधा मिलती है बल्कि परिवार के सभी सदस्यों का रिकॉर्ड भी अपडेटेड रहता है। योजना का पूरा लाभ लेने के लिए यह एक जरूरी कदम है।

ई-केवाईसी के बाद कार्ड कैसे डाउनलोड करें और स्टेटस कैसे चेक करें

ई-केवाईसी सबमिट करने के बाद ऐप में स्टेटस चेक करें। कई मामलों में तुरंत अप्रूवल मिल जाता है जबकि कुछ में कुछ दिनों का समय लग सकता है। स्टेटस अप्रूव्ड दिखने पर संबंधित सदस्य के नाम के आगे डाउनलोड कार्ड विकल्प पर क्लिक करें। आधार ओटीपी से वेरिफिकेशन करके डिजिटल कार्ड पीडीएफ फॉर्मेट में सेव कर लें। यह कार्ड मोबाइल में रखने पर अस्पताल में आसानी से दिखाया जा सकता है।

स्टेटस चेक करने के लिए आधिकारिक पोर्टल बेनिफिशरी.एनएचए.गव.इन पर भी जा सकते हैं। वहां भी मोबाइल नंबर और ओटीपी से लॉगिन करके पूरी जानकारी देखी जा सकती है।

निष्कर्ष: आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ निर्बाध रूप से लेने के लिए कार्ड की ई-केवाईसी समय पर पूरी कर लेना जरूरी है। घर बैठे मोबाइल से यह प्रक्रिया आसान और तेज हो गई है। आज ही आयुष्मान ऐप डाउनलोड करें, अपनी डिटेल्स अपडेट करें और योजना का पूरा फायदा उठाएं।

Frequently Asked Questions 5

हां, आधिकारिक आयुष्मान ऐप के जरिए आधार ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन से घर बैठे पूरी प्रक्रिया की जा सकती है

आवश्यकता पड़ने पर आधार फेस आरडी ऐप इंस्टॉल करना पड़ सकता है।

कई मामलों में तुरंत या कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों के अंदर स्टेटस अप्रूव्ड होकर कार्ड डाउनलोड करने का विकल्प आ जाता है।

आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय है या नहीं चेक करें। समस्या बनी रहे तो हेल्पलाइन 14555 पर कॉल करें।

हां, एक बार लॉगिन करने के बाद परिवार की सूची में जिन सदस्यों की जरूरत है उनकी अलग-अलग ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है।

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