करवा चौथ 2026 लाइव: थोड़ी देर में निकलेगा चांद, दिल्ली से चेन्नई तक सुहागनें इंतजार में
करवा चौथ 2026 आज, चांद निकलने का समय दिल्ली 8:17, चेन्नई 8:44 बजे। शहरवार टाइमिंग, पूजा मुहूर्त और लाइव अपडेट जानें।
आज 29 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में करवा चौथ का व्रत रखा जा रहा है। सुबह से सख्त उपवास रखने वाली सुहागन महिलाएं अब शाम का इंतजार कर रही हैं। थोड़ी देर में चांद निकलेगा और व्रत खोलने का पवित्र क्षण आएगा। दिल्ली से लेकर चेन्नई तक अलग-अलग समय पर चंद्रोदय होने वाला है। परिवारों में हलचल है, छलनी तैयार है और थाली सज चुकी है।
करवा चौथ की यह रात प्यार, समर्पण और विश्वास की याद दिलाती है। महिलाएं पूरे दिन बिना पानी के व्रत रखती हैं और चांद दिखने के बाद ही पानी छूती हैं। आज का दिन पूरे देश में इसी भावना से भरा है।
शहरवार चांद निकलने का समय
चांद का उदय हर शहर में अलग समय पर होता है क्योंकि भारत का भौगोलिक विस्तार बहुत बड़ा है। पूर्वी शहरों में पहले और पश्चिमी शहरों में बाद में चांद दिखाई देता है।
दिल्ली में चांद लगभग 8:17 बजे निकलने वाला है। नोएडा में 8:16 और गुरुग्राम में 8:18 बजे के आसपास चंद्रोदय होगा। लखनऊ में 8:06, कानपुर में 8:10, जयपुर में 8:28, भोपाल में 8:31 और इंदौर में 8:39 बजे चांद दिखने की संभावना है।
चेन्नई में चांद लगभग 8:44 बजे निकलेगा। हैदराबाद में 8:41, बेंगलुरु में 8:55 और मुंबई में रात 9:00 बजे चंद्रोदय का अनुमान है। कोलकाता में सबसे पहले 7:47 और पटना में 7:52 बजे चांद दिखाई देगा। अहमदाबाद में 8:52 और पुणे में 8:58 बजे चांद निकलने वाला है।
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Chat on WhatsAppये समय अनुमानित हैं। स्थानीय मौसम, बादल या ऊंची इमारतों के कारण कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। महिलाओं को सलाह है कि अपने शहर के स्थानीय पंचांग या मौसम विभाग की जानकारी भी देखें।
पूजा मुहूर्त और व्रत का महत्व
दिल्ली में शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त लगभग 5:38 से 6:56 बजे तक है। इस दौरान महिलाएं थाली सजाकर बैठती हैं, करवा चौथ कथा सुनती हैं और चौथ माता की पूजा करती हैं। सूर्यास्त के बाद का यह समय बहुत पवित्र माना जाता है।
व्रत सूर्योदय से शुरू होकर चंद्रोदय तक चलता है। दिल्ली में यह करीब 13 घंटे 46 मिनट का निर्जला व्रत बनता है। कई महिलाएं स्वास्थ्य के कारण फलाहार रखती हैं लेकिन पारंपरिक रूप से निर्जला व्रत ही माना जाता है।
करवा चौथ का मूल भाव पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना है। छलनी से चांद देखने और फिर पति के चेहरे को देखने की परंपरा आज भी जीवित है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी घर-घर में उसी श्रद्धा से निभाई जाती है।
देशभर में महिलाओं का इंतजार
उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक सुहागनें छत पर, बालकनी में या खुले स्थान पर खड़ी हैं। कुछ जगहों पर बादल छाए होने की खबर है जिससे चांद दिखने में थोड़ी देरी हो सकती है। फिर भी महिलाएं धैर्य के साथ इंतजार कर रही हैं।
परिवार के सदस्य भी उनके साथ खड़े हैं। बच्चे थाली सजाने में मदद कर रहे हैं और पति अर्घ्य देने की तैयारी में हैं। यह त्योहार सिर्फ व्रत नहीं बल्कि परिवार के आपसी स्नेह को मजबूत करने का अवसर भी है।
कई शहरों में महिला मंडलियां इकट्ठा होकर सामूहिक रूप से कथा सुन रही हैं। मंदिरों में भी विशेष पूजा का आयोजन हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग अपने शहर का चांद निकलने का समय शेयर कर रहे हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं।
चांद देखने की विधि और सावधानियां
चांद दिखने के बाद छलनी के माध्यम से चांद को देखकर अर्घ्य दिया जाता है। फिर पति के चेहरे को छलनी से देखकर व्रत खोला जाता है। पानी और मिठाई से व्रत तोड़ने की परंपरा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबे व्रत के बाद अचानक भारी भोजन न करें। हल्का पानी, फल या खिचड़ी से शुरुआत करें। गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही व्रत रखना चाहिए।
मौसम साफ रहने पर चांद साफ दिखेगा। अगर बादल हों तो थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। कई परिवार ऐप या स्थानीय पंचांग से सटीक समय चेक कर रहे हैं।
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करवा चौथ का सांस्कृतिक महत्व
यह त्योहार उत्तर भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है लेकिन अब दक्षिण और पश्चिम भारत में भी लोकप्रिय हो गया है। लाल चुनरी, मेहंदी, बिंदी और सजी-धजी थाली इस दिन की पहचान हैं।
कथा में करवा चौथ की कहानी सुनाई जाती है जिसमें एक व्रती महिला की श्रद्धा से पति की जान बच जाती है। यह कहानी महिलाओं को धैर्य और विश्वास का पाठ पढ़ाती है। आज भी यही भावना हर घर में जीवित है।
निष्कर्ष: करवा चौथ 2026 की यह शाम पूरे देश में भावनाओं से भरी हुई है। थोड़ी देर में चांद निकलेगा और सुहागनें अपना व्रत सफलतापूर्वक पूरा करेंगी। दिल्ली से चेन्नई तक हर महिला का इंतजार अब खत्म होने वाला है। शुभ करवा चौथ!