मोहम्मद रिजवान को मिली बड़ी राहत, प्रेसिडेंट ट्रॉफी में खेलने की अनुमति
मोहम्मद रिजवान को पीसीबी ने प्रेसिडेंट ट्रॉफी में खेलने की हरी झंडी दी। इंग्लैंड दौरे के विवाद के बाद घरेलू क्रिकेट में वापसी का रास्ता साफ। पूरी खबर पढ़ें।
पाकिस्तान क्रिकेट जगत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इंग्लैंड दौरे के बीच वापस बुलाए गए और जांच के घेरे में आए विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को अब राहत मिल गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें प्रेसिडेंट ट्रॉफी ग्रेड-वन टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दे दी है। यह फैसला न सिर्फ रिजवान के लिए बल्कि उनके प्रशंसकों के लिए भी खुशखबरी साबित हुआ है। पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज ने इसकी पुष्टि की है कि रिजवान 19 अक्टूबर से एसएनजीपीएल की कप्तानी करते हुए मैदान पर उतरेंगे।
रिजवान पर ड्रेसिंग रूम की बातें लीक करने और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे आरोप लगे थे। राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की थी और उनका मोबाइल भी जब्त किया गया था। इसी कारण उन्हें इंग्लैंड दौरे से बीच में ही टीम से बाहर कर दिया गया था। अब पीसीबी के फैसले से उनका घरेलू क्रिकेट में लौटने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि जांच अभी भी जारी है।
इंग्लैंड दौरे का विवाद और खिलाड़ियों की वापसी
अगस्त 2026 में पाकिस्तान टीम इंग्लैंड दौरे पर थी। पहले दो टेस्ट मैचों में टीम को भारी हार का सामना करना पड़ा। लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट के बाद पीसीबी ने सात खिलाड़ियों को वापस बुला लिया। इनमें मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक प्रमुख थे। साथ ही कोच सरफराज अहमद और अंपायरिंग कोच उमर गुल भी टीम से बाहर कर दिए गए।
रिजवान का प्रदर्शन उस दौरे पर अच्छा नहीं रहा। पहले दो टेस्ट में उन्होंने कम स्कोर बनाए। लेकिन प्रदर्शन से ज्यादा विवाद ड्रेसिंग रूम लीक और सट्टेबाजी के आरोपों को लेकर हुआ। टीम के होटल में रात के समय उनका मोबाइल जब्त कर लिया गया। एजेंसी ने उन्हें बताया कि जांच के बाद फोन तीन घंटे में लौटा दिया जाएगा, लेकिन फोन अब तक उनके पास वापस नहीं आया।
पाकिस्तान लौटने के बाद रिजवान और इमाम उल हक को नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के सामने पेश होना पड़ा। लाहौर में दोनों से लंबी पूछताछ की गई। रिजवान ने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया लेकिन लाहौर हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने एजेंसी को जांच जारी रखने की अनुमति दी।
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Chat on WhatsAppप्रेसिडेंट ट्रॉफी में वापसी और कप्तानी की जिम्मेदारी
प्रेसिडेंट ट्रॉफी पाकिस्तान का प्रमुख फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट है। इस साल आठ टीमें मुकाबला कर रही हैं। एसएनजीपीएल टीम निचले पायदान पर है और रेलीगेशन के खतरे में है। पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज इस टीम के डायरेक्टर और हेड कोच हैं। उन्होंने बताया कि पीसीबी के घरेलू क्रिकेट विभाग से उन्हें ईमेल मिला है जिसमें रिजवान को 19 अक्टूबर से खेलने की अनुमति दी गई है।
रिजवान एसएनजीपीएल की कप्तानी करेंगे। उनका मुकाबला खान रिसर्च लेबोरेटरीज के खिलाफ होगा। यह मुकाबला शोएब अख्तर क्रिकेट स्टेडियम रावलपिंडी में खेला जाएगा। इमाम उल हक भी ओजीडीसीएल टीम के लिए खेलने को तैयार हैं। दोनों खिलाड़ियों को अनुमति मिलना दर्शाता है कि पीसीबी ने कुछ हद तक नरम रुख अपनाया है।
रिजवान ने नेपाल प्रीमियर लीग खेलने के लिए भी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मांगा था। लेकिन पीसीबी ने फिलहाल घरेलू क्रिकेट पर जोर दिया है। सूत्रों के अनुसार टूर्नामेंट खत्म होने के बाद नेपाल लीग की अनुमति मिल सकती है।
जांच का सिलसिला और रिजवान का करियर
नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की जांच अभी भी जारी है। रिजवान दो बार एजेंसी के सामने पेश हो चुके हैं। अक्टूबर की शुरुआत में उनसे तीन घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई। एजेंसी ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और ड्रेसिंग रूम की जानकारी लीक होने के आरोपों की जांच कर रही है। पीसीबी ने स्पष्ट किया है कि अनुमति का मतलब जांच खत्म होना नहीं है।
मोहम्मद रिजवान पाकिस्तान क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने 47 टेस्ट, 103 वनडे और 106 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं। विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी में भी उन्होंने कई यादगार पारी खेली हैं। टी20 विश्व कप और अन्य टूर्नामेंट में उनका योगदान सराहा जाता रहा है। लेकिन हाल के महीनों में विवादों ने उनके करियर पर छाया डाल दी थी।
रिजवान लंबे समय से मैदान से दूर थे। लॉर्ड्स टेस्ट के बाद से उन्होंने कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला। घरेलू क्रिकेट में वापसी उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। एसएनजीपीएल टीम को भी उनके अनुभव की जरूरत है।
घरेलू क्रिकेट का महत्व और भविष्य की राह
पाकिस्तान में घरेलू क्रिकेट हमेशा से खिलाड़ियों के लिए मायने रखता है। प्रेसिडेंट ट्रॉफी और क्वैद-ए-आजम ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट युवा और अनुभवी दोनों खिलाड़ियों को मौका देते हैं। रिजवान की वापसी से न सिर्फ उनकी टीम को फायदा होगा बल्कि पूरे घरेलू सर्किट में उत्साह बढ़ेगा।
अगले महीने क्वैद-ए-आजम ट्रॉफी में रिजवान पेशावर टीम के लिए खेल सकते हैं। यह उनके लिए और ज्यादा मैच प्रैक्टिस का मौका होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी अभी अनिश्चित है। पीसीबी की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में उनका नाम शामिल होगा या नहीं, यह भी साफ नहीं है। लेकिन घरेलू स्तर पर अच्छा प्रदर्शन उनके भविष्य को मजबूत बना सकता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि रिजवान जैसे अनुभवी खिलाड़ी को लंबे समय तक किनारे रखना टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। विकेटकीपिंग में उनके विकल्प सीमित हैं। अगर जांच में कोई गंभीर सबूत नहीं मिलता तो वे जल्द ही राष्ट्रीय टीम में लौट सकते हैं।
Imam-ul-Haq and Mohammad Rizwan have joined their respective teams for the President’s Trophy after receiving clearance from the PCB. Imam will lead OGDCL against Ghani Glass at LCCA Ground, while Rizwan will captain SNGPL in their match against KRL in Islamabad. https://t.co/wfYVWTK40W — Cricket Pakistan (@crickethub_pk) October 19, 2026
रिजवान की चुप्पी और सहयोग का रुख
पूरे विवाद के दौरान रिजवान ने मीडिया से ज्यादा बात नहीं की। उन्होंने कहा था कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। पीसीबी ने उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति भी नहीं दी थी। अब मैदान पर उतरकर वे अपने प्रदर्शन से जवाब देंगे।
पाकिस्तान क्रिकेट में पिछले कुछ सालों से अनुशासन और प्रदर्शन दोनों मुद्दे रहे हैं। इंग्लैंड दौरे की हार ने इन मुद्दों को और उजागर किया। पीसीबी अब सुधार की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। रिजवान की अनुमति इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष: मोहम्मद रिजवान की प्रेसिडेंट ट्रॉफी में वापसी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है। जांच जारी रहने के बावजूद उन्हें खेलने का मौका मिला है। अब उनकी बल्लेबाजी और कप्तानी पर सबकी नजर होगी। प्रशंसक उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अनुभवी खिलाड़ी जल्द ही पुरानी फॉर्म में लौटेंगे और राष्ट्रीय टीम को मजबूत बनाएंगे।