गूगल ने लॉन्च किया जेम्मा 4, अब तक का सबसे एडवांस्ड ओपन AI मॉडल परिवार
गूगल ने जेम्मा 4 लॉन्च कर दिया है, जो बेहतर रीजनिंग, मल्टीमॉडल क्षमताओं और एजेंटिक वर्कफ्लो के साथ आता है। अपाचे 2.0 लाइसेंस के तहत उपलब्ध यह मॉडल डेवलपर्स को लोकल डिवाइस पर एआई ऐप्स बनाने की सुविधा देता है।
गूगल ने अपनी ओपन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल सीरीज में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। कंपनी ने जेम्मा 4 लॉन्च किया है, जो अब तक का सबसे बुद्धिमान और एडवांस्ड ओपन मॉडल परिवार है। इसमें बेहतर रीजनिंग क्षमता, मल्टीमॉडल फीचर्स और एजेंटिक वर्कफ्लो का पूरा सपोर्ट शामिल है। अपाचे 2.0 लाइसेंस के तहत रिलीज किए गए इन मॉडल्स से डेवलपर्स अब आसानी से लोकल हार्डवेयर पर शक्तिशाली AI एप्लिकेशन्स बना और डिप्लॉय कर सकेंगे।
जेम्मा 4 की मुख्य विशेषताएं और वेरिएंट्स
जेम्मा 4 चार अलग-अलग कॉन्फिगरेशन्स में उपलब्ध है - Effective 2B (E2B), Effective 4B (E4B), 26B Mixture of Experts (MoE) और 31B Dense। कंपनी के मुताबिक 31B मॉडल वर्तमान में ग्लोबल Arena AI लीडरबोर्ड पर टॉप ओपन मॉडल्स में शामिल है, जबकि 26B मॉडल भी टॉप टियर में जगह बनाए हुए है।
पहली पीढ़ी के जेम्मा मॉडल्स लॉन्च होने के बाद अब तक इन्हें 40 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है और डेवलपर्स ने 1 लाख से अधिक वैरिएंट्स तैयार किए हैं, जिसे गूगल ‘Gemmaverse’ कह रहा है।
एडवांस्ड रीजनिंग और एजेंटिक वर्कफ्लो का सपोर्ट
जेम्मा 4 अब सिर्फ साधारण चैटबॉट तक सीमित नहीं है। यह कॉम्प्लेक्स रीजनिंग, मल्टी-स्टेप प्लानिंग और एजेंटिक वर्कफ्लो को आसानी से हैंडल कर सकता है। मॉडल में नेटिव फंक्शन कॉलिंग, स्ट्रक्चर्ड आउटपुट और सिस्टम-लेवल इंस्ट्रक्शन्स का सपोर्ट है, जो डेवलपर्स को स्वायत्त AI एजेंट्स बनाने में मदद करता है।
इसके अलावा कोड जेनरेशन में भी जबरदस्त सुधार किया गया है। डेवलपर्स अब लोकल मशीन पर ऑफलाइन AI कोडिंग असिस्टेंट चला सकते हैं।
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Chat on WhatsAppमल्टीमॉडल क्षमताएं और लंबा कॉन्टेक्स्ट विंडो
जेम्मा 4 में मल्टीमॉडल फीचर्स शामिल हैं, जो इमेज, वीडियो और छोटे मॉडल्स में ऑडियो इनपुट को भी प्रोसेस कर सकते हैं। इससे स्पीच रिकग्निशन और समझने की क्षमता मिलती है। बड़े वेरिएंट्स में 256K टोकन्स तक का लंबा कॉन्टेक्स्ट विंडो उपलब्ध है, जिससे विस्तृत डॉक्यूमेंट्स या बड़े कोडबेस को एक ही प्रॉम्प्ट में प्रोसेस किया जा सकता है।
मॉडल को 140 से ज्यादा भाषाओं में ट्रेन किया गया है, जो वैश्विक एप्लिकेशन डेवलपमेंट को और आसान बनाता है।
विभिन्न डिवाइसेज पर हाई एफिशिएंसी
गूगल ने जेम्मा 4 को अलग-अलग हार्डवेयर प्लेटफॉर्म्स के लिए ऑप्टिमाइज किया है। छोटे E2B और E4B वेरिएंट्स स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसी डिवाइसेज पर आसानी से चल सकते हैं, जहां लो लेटेंसी और कम मेमोरी यूजेज की जरूरत होती है। वहीं बड़े मॉडल्स GPU और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर एडवांस्ड वर्कलोड्स के लिए डिजाइन किए गए हैं।
ओपन सोर्स और रिसर्च में सहयोग
जेम्मा 4 को अपाचे 2.0 लाइसेंस के तहत रिलीज किया गया है, जिससे डेवलपर्स इसे फ्री में मॉडिफाई, बिल्ड और डिप्लॉय कर सकते हैं। हगिंग फेस और गूगल के AI टूल्स के जरिए ये मॉडल्स आसानी से उपलब्ध हैं।
कंपनी ने INSAIT और येल यूनिवर्सिटी के साथ शुरुआती सहयोगों का जिक्र किया है, जहां भाषा मॉडलिंग और बायोमेडिकल रिसर्च में जेम्मा 4 का इस्तेमाल किया जा रहा है।