सुबह की शुरुआत अगर ताजगी के बजाय आंखों में दर्द, चुभन या भारीपन के साथ हो तो पूरा दिन प्रभावित हो जाता है। कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह किसी गंभीर आंखों की समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। ग्वालियर के रतन ज्योति नेत्रालय के संस्थापक, निदेशक और वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. पुरेन्द्र भसीन ने सुबह आंखों में दर्द के पीछे मुख्य 5 कारण बताए हैं। इन्हें समझकर सही समय पर इलाज करवाया जा सकता है।
1. ड्राई आई (Dry Eyes) की समस्या
रात में सोते समय आंखें बंद रहने से प्राकृतिक आंसुओं का उत्पादन कम हो जाता है। जिन लोगों में पहले से ही आंखों की नमी की कमी होती है, उन्हें सुबह उठते ही जलन और दर्द महसूस होता है। खासकर जो लोग दिनभर ज्यादा स्क्रीन पर काम करते हैं, उनमें यह समस्या सबसे आम है। लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल इस्तेमाल करने से ब्लिंक रेट कम हो जाता है, जिससे आंखें सूखने लगती हैं।
2. नींद की कमी और देर रात गैजेट इस्तेमाल
पर्याप्त और गहरी नींद न लेने से आंखों को पूरा आराम नहीं मिल पाता। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करना या वीडियो देखना आंखों की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। नतीजतन सुबह उठने पर आंखें थकी हुई और दर्द भरी लगती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद आंखों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
3. एलर्जी का असर
बिस्तर, तकिए या कंबल में छिपी धूल, प्रदूषण के कण और पॉलन रात भर आंखों को प्रभावित करते रहते हैं। इससे सुबह आंखों में रेडनेस, तेज खुजली, दर्द, पानी आना और सूजन जैसी शिकायतें होती हैं। मौसमी एलर्जी वाले लोगों में यह समस्या और बढ़ जाती है। साफ-सुथरे बिस्तर और नियमित सफाई से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
4. आंखों में इन्फेक्शन
सुबह आंखें चिपचिपी हो जाना, दर्द के साथ सूजन होना कंजक्टिवाइटिस या ब्लेफेराइटिस जैसे बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। अगर ये लक्षण लगातार बने रहें या आंखों से पस जैसा निकलना शुरू हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। अनदेखी करने पर इन्फेक्शन फैल सकता है और नजर पर असर डाल सकता है।
5. गलत चश्मे का इस्तेमाल या कमजोर नजर
अगर आंखों की रोशनी कमजोर है और आप चश्मा नहीं पहनते या गलत पावर का चश्मा इस्तेमाल करते हैं तो आंखों की मांसपेशियां लगातार तनाव में रहती हैं। यह तनाव रात भर भी जारी रहता है, जिसके कारण सुबह आंखों में दर्द होता है। नियमित आंखों की जांच करवाकर सही चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करना जरूरी है।
बचाव के आसान और प्रभावी उपाय
डॉ. पुरेन्द्र भसीन के अनुसार, अगर दर्द कभी-कभार होता है तो चिंता की बात नहीं, लेकिन रोजाना सुबह ऐसा महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। बचाव के लिए कुछ सरल आदतें अपनाएं:
- रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें
- सोने से एक घंटा पहले सभी गैजेट्स बंद कर दें
- बिस्तर और तकिए हमेशा साफ रखें
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आर्टिफिशियल टीयर्स का इस्तेमाल करें
- स्क्रीन टाइम सीमित करें और 20-20-20 नियम का पालन करें (हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें)
निष्कर्ष: सुबह आंखों में दर्द को कभी भी हल्के में न लें। समय पर कारण जानकर सही इलाज और जरूरी सावधानियां अपनाने से आप अपनी आंखों की सेहत को लंबे समय तक बचा सकते हैं। अगर लक्षण बने रहें तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।