देश भर में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित अकोला शहर ने 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर बनकर दुनिया की सूची में भी शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों के लिए लू का येलो अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हीटवेव और तेज होगी।
विदर्भ के शहरों ने बनाई वैश्विक गर्मी की लिस्ट
अकोला के अलावा अमरावती ने 44 डिग्री और वर्धा ने 43.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया। नागपुर भी 43.4 डिग्री पर पहुंच गया। इन शहरों ने वैश्विक स्तर पर टॉप 10 में जगह बनाई है। आईएमडी के अनुसार, विदर्भ के कई जिलों में तापमान सामान्य से 1.3 से 3.8 डिग्री ऊपर रहा। अकोला लगातार चौथे दिन देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है।
देश के अन्य हिस्सों में भी पारा 40 से 44 डिग्री के बीच पहुंच चुका है। कर्नाटक के कलबुर्गी में भी 44 डिग्री दर्ज किया गया। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 36 से 38 डिग्री के आसपास तापमान रहा, लेकिन यह भी सामान्य से काफी ऊपर है।
आईएमडी की चेतावनी: हीटवेव बढ़ेगी, 50°C तक का खतरा
आईएमडी ने पूर्वानुमान लगाया है कि 2026 में मार्च से मई के बीच सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ेगी। अधिकतम तापमान 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है। हीटवेव की अवधि और तीव्रता दोनों बढ़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में चरम गर्मी के दौरान तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अंदेशा जताया गया है।
अप्रैल से जून तक भी गर्म रातें बनी रहने की उम्मीद है। पूर्वी, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में हीटवेव के दिन सामान्य से ज्यादा रहेंगे। विदर्भ, मराठवाड़ा, गुजरात, राजस्थान और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में स्थिति और खराब हो सकती है।
गर्मी के कारण और प्रभाव
साफ आसमान, सूखी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ की कमी से तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रात के तापमान भी ऊंचे बने रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और मजदूरों के लिए। हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी संबंधी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
सरकार ने नागरिकों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। महाराष्ट्र सरकार ने तीन मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी की हैं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर्स शेयर किए हैं।
पिछले सालों से तुलना और सावधानियां
पिछले कुछ सालों में भारत ने 50 डिग्री से ऊपर तापमान देखा है। इस बार गर्मी पहले से शुरू हो गई है और तीव्र रूप ले रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
लोगों को चाहिए कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप से बचें, ठंडे पेय पदार्थ लें और घरों को ठंडा रखने के उपाय करें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतनी होगी।