आजकल कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा देती हैं। अक्सर 5 लाख या 10 लाख रुपये का कवर पर्याप्त लगता है, खासकर करियर की शुरुआत में। लेकिन जीरोधा के को-फाउंडर और बिजनेसमैन नितिन कामथ ने इस भरोसे पर सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सिर्फ कॉर्पोरेट कवर पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

नितिन कामथ ने क्यों दी चेतावनी?

नितिन कामथ ने अपने पोस्ट में कहा कि कई लोग कभी व्यक्तिगत हेल्थ पॉलिसी नहीं खरीदते क्योंकि उन्हें लगता है कि एम्प्लॉयर का ग्रुप कवर ही काफी है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर कॉर्पोरेट प्लान लागत के आधार पर तय किए जाते हैं, न कि पूरी कवरेज की जरूरत को ध्यान में रखकर। शुरुआती उम्र में 5-10 लाख का कवर ठीक लग सकता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह अपर्याप्त साबित होता है।

कामथ ने इशारा किया कि भारत में मेडिकल इन्फ्लेशन हर साल करीब 14 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इसका मतलब है कि इलाज की लागत तेजी से महंगी होती जा रही है। वहीं, कॉर्पोरेट इंश्योरेंस की राशि आमतौर पर स्थिर रहती है और इसमें आसानी से बढ़ोतरी नहीं हो पाती।

कॉर्पोरेट इंश्योरेंस की सीमाएं क्या हैं?

कॉर्पोरेट हेल्थ प्लान अक्सर सस्ते होते हैं, लेकिन इनमें कई छिपी हुई सीमाएं होती हैं। जैसे- कुछ बीमारियों पर कैप, रूम रेंट लिमिट, या कुछ ट्रीटमेंट को बाहर रखना। अगर आप नौकरी छोड़ देते हैं तो यह कवर भी खत्म हो जाता है। इसके अलावा, बार-बार क्लेम करने पर पॉलिसी प्रभावित हो सकती है।

नितिन कामथ की सलाह है- कॉर्पोरेट कवर को क्लेम के लिए इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी व्यक्तिगत पॉलिसी साफ रखें। इससे नो-क्लेम बोनस बढ़ता है और भविष्य में प्रीमियम कम रहता है। अगर बाद में कोई पुरानी बीमारी हो जाए तो नई पॉलिसी महंगी या मुश्किल से मिलेगी।

व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस के फायदे

व्यक्तिगत पॉलिसी आपको लचीलापन देती है। आप अपनी जरूरत के अनुसार कवर बढ़ा सकते हैं। उम्र के साथ बढ़ते मेडिकल खर्च को ध्यान में रखते हुए 25-30 साल की उम्र में ही अच्छी पॉलिसी ले लें, ताकि हिस्ट्री साफ रहे और प्रीमियम कम हो।

विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी पॉलिसी चुनते समय इंश्योरर का ट्रैक रिकॉर्ड, क्लेम सेटलमेंट रेशियो और हॉस्पिटल नेटवर्क देखें। साथ ही, फैमिली फ्लोटर प्लान या सुपर टॉप-अप विकल्प भी विचार करें, जो बड़े खर्च को कवर करते हैं।

क्या करें अगर आपके पास सिर्फ कंपनी का कवर है?

सबसे पहले अपनी कंपनी की पॉलिसी डिटेल चेक करें- कवरेज लिमिट, एक्सक्लूजन और क्लेम प्रोसेस समझें। फिर, अपनी उम्र, फैमिली साइज और हेल्थ कंडीशन के हिसाब से व्यक्तिगत प्लान खरीदें। शुरुआत में छोटा कवर भी लें, लेकिन नियमित रूप से रिव्यू करें और अपग्रेड करें।

नितिन कामथ जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य बीमा सिर्फ एक सुरक्षा कवच नहीं, बल्कि वित्तीय स्थिरता का आधार है। एक गंभीर बीमारी या हॉस्पिटलाइजेशन पूरे परिवार को आर्थिक संकट में डाल सकता है।

निष्कर्ष: कंपनी का 5 लाख हेल्थ इंश्योरेंस शुरुआती सुरक्षा दे सकता है, लेकिन लंबे समय के लिए पर्याप्त नहीं। नितिन कामथ की सलाह मानें- व्यक्तिगत पॉलिसी जरूर लें, ताकि मेडिकल इन्फ्लेशन और अनिश्चितताओं से खुद को बचाया जा सके। आज ही अपने इंश्योरेंस एडवाइजर से बात करें और स्मार्ट प्लानिंग शुरू करें।