सोने में एक बार फिर महंगाई का दौर शुरू होते दिख रहा है। फरवरी 2026 में इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद सोने की कीमतों में तेज गिरावट आई थी और यह अपने ऑल टाइम हाई से करीब 40 हजार रुपये तक टूट गया था। लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से इसमें रिकवरी नजर आ रही है। 11 अप्रैल 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट दर्ज की गई, फिर भी घरेलू बाजार में दाम बढ़े हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?
11 अप्रैल को सुबह 2:37 बजे कॉमेक्स पर गोल्ड की कीमत 0.98 प्रतिशत यानी 47 डॉलर गिरकर 4,771 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। एक औंस का वजन लगभग 28.35 ग्राम होता है। ईरान संकट के बाद सुरक्षित निवेश की मांग में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। शुरुआती दौर में सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, लेकिन बाद में दबाव में आया।
MCX पर घरेलू बाजार का हाल
शनिवार को MCX पर ट्रेडिंग बंद रहती है। कल यानी 10 अप्रैल को 5 जून 2026 की गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में 38 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 1,52,652 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले के सत्रों में भी सकारात्मक रुख देखा गया था। IBJA के रेट शनिवार को जारी नहीं होते।
भारत में आज के सोने के दाम
11 अप्रैल 2026 को भारत में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत लगभग 15,284 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना 14,010 रुपये प्रति ग्राम के आसपास चल रहा है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,52,840 रुपये तक पहुंच गया है। विभिन्न शहरों में लोकल टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण मामूली अंतर रहता है।
जोधपुर में आज 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 14,835 रुपये प्रति ग्राम या 1,52,460 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। 22 कैरेट सोना करीब 14,129 रुपये प्रति ग्राम या 1,39,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। पिछले कुछ दिनों में यहां भी कीमतों में रिकवरी दर्ज की गई है।
ईरान तनाव और सोने पर असर
28 फरवरी 2026 को इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमले ने ग्लोबल मार्केट को हिला दिया। शुरुआत में सोना सुरक्षित निवेश के रूप में चमका और 5,200 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया। लेकिन बाद में युद्ध की अनिश्चितता के बावजूद कुछ दबाव देखा गया और कीमतें 40 हजार रुपये तक गिर गईं। अब बाजार सस्पेंस में है कि संघर्ष कितना लंबा चलेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा तो सोने की मांग फिर बढ़ सकती है। वहीं, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों के संकेत भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। भारत जैसे देशों में त्योहारों और शादी के सीजन में डिमांड हमेशा कीमतों को सपोर्ट करती है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
पिछले कुछ दिनों में सोने में तेजी मुख्य रूप से घरेलू कारकों और कुछ रिकवरी से आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरावट के बावजूद भारतीय रुपया और लोकल डिमांड ने दाम संभाले रखे। निवेशक भू-राजनीतिक जोखिमों से बचाव के लिए सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अस्थिर बाजार में सोना लंबी अवधि के लिए अच्छा विकल्प रहता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव पर नजर रखें।