भारत में सोने की कीमतों में पिछले एक दिन में जबरदस्त गिरावट देखी गई है। 24 कैरेट सोने में प्रति 100 ग्राम 71,400 रुपये तक की कमी आई, जबकि वैश्विक बाजारों में भी कीमतें 5% से अधिक घटीं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले और चैत्र नवरात्रि, उगादी, गुड़ी पड़वा तथा ईद के दौरान त्योहारी बिकवाली ने इस गिरावट को और तेज किया। निवेशक अनिश्चितता के बीच कीमती धातुओं से दूरी बना रहे हैं।
एक दिन में सोने में 71,400 रुपये की गिरावट
24 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम 15,742 रुपये से घटकर 15,028 रुपये पर आ गई, यानी 714 रुपये की कमी। 100 ग्राम के लिए यह गिरावट 71,400 रुपये तक पहुंची। इसी तरह 22 कैरेट सोना 14,430 रुपये प्रति ग्राम से 13,775 रुपये पर पहुंचा, जिसमें 655 रुपये की गिरावट दर्ज हुई। पिछले दो ट्रेडिंग सत्रों में कुल मिलाकर 24 कैरेट में 78,000 रुपये और 22 कैरेट में 71,500 रुपये प्रति 100 ग्राम की कमी आई है।
24 कैरेट सोने की मौजूदा कीमतें
आज 24 कैरेट सोना प्रति ग्राम 15,028 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। 10 ग्राम के लिए भाव 1,50,280 रुपये है, जो कल से 7,140 रुपये कम है। 8 ग्राम में 5,712 रुपये की कमी के साथ भाव 1,20,224 रुपये रहा। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड 5% से अधिक गिरकर 4,560 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचा, जो जनवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है।
22 कैरेट और 18 कैरेट सोने में भी भारी नुकसान
22 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम 13,775 रुपये पर आ गई, जिसमें 655 रुपये की गिरावट हुई। 10 ग्राम का भाव 1,37,750 रुपये रहा, जो 6,550 रुपये कम है। 18 कैरेट सोना भी प्रभावित हुआ, जहां प्रति ग्राम भाव 11,807 से घटकर 11,271 रुपये हो गया। 10 ग्राम में 5,360 रुपये की कमी दर्ज हुई। त्योहारी सीजन में बिकवाली का दबाव इस गिरावट का प्रमुख कारण रहा।
वैश्विक बाजार और फेड का प्रभाव
अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को 3.50%-3.75% पर स्थिर रखा, लेकिन मुद्रास्फीति और ईरान में बढ़ते तनाव से ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण अनिश्चितता बनी हुई है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने कहा कि मुद्रास्फीति कम होने तक दर कटौती नहीं होगी, जबकि आगे बढ़ोतरी की संभावना कम है। मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट मनव मोदी ने कहा, "फेड के फैसले और तेल कीमतों के प्रभाव से गोल्ड में सुधार आया है।" वैश्विक बाजार में लगातार सातवें सत्र में गिरावट दर्ज हुई।
सोने की कीमत का भविष्य: क्या 1.50 लाख से नीचे जाएगा?
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी जतिन त्रिवेदी ने कहा, "सोना तकनीकी रूप से कमजोर है, प्रतिरोध अब 1,50,000 रुपये की ओर शिफ्ट हो गया है, जबकि समर्थन 1,44,000-1,42,000 रुपये के जोन में दिख रहा है। अल्पकालिक ट्रेंड कमजोर से अस्थिर बना हुआ है, जो ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करेगा।" हाल के रुझानों से लगता है कि कीमतें और नीचे जा सकती हैं, लेकिन कोई बड़ा ट्रिगर बदलाव ला सकता है।
निष्कर्ष: सोने में आई यह भारी गिरावट निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत है। फेड की नीति और वैश्विक अनिश्चितता के बीच कीमतें अस्थिर रह सकती हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें और बाजार की निगरानी करें।
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